कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों द्वारा की गई 'नॉन लोकल और सिविलियन' की हत्या के मामले की जांच अब 'एनआईए' को सौंप दी गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच का दायरा विस्तृत रखा गया है। घाटी में आतंकियों द्वारा मारे गए निर्दोष लोगों से संबंधित कई दूसरे मामले भी एनआईए जांच का हिस्सा बन सकते हैं। इससे पहले भी एनआईए ने आतंकियों को मदद पहुंचाने के मामले में पाकिस्तान को बेनकाब किया है। घाटी में पाकिस्तान द्वारा सीधे तौर पर आर्थिक मदद पहुंचाई जाती है और उसमें दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के कर्मियों का भी हाथ रहा है, एनआईए अपनी चार्ज में यह खुलासा कर चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक श्रीनगर, कुलगाम और दूसरी जगहों पर जो टारगेट किलिंग हुई हैं, उसकी जांच एनआईए को सौंपने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा हरी झंडी दे दी गई है। एनआईए डीजी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे कुलदीप सिंह, कश्मीर में मौजूद हैं। बता दें कि पिछले दो सप्ताह में आतंकियों ने पांच अक्तूबर को सबसे पहले कश्मीरी पंडित फार्मासिस्ट माखन लाल बिंद्रू को गोली मारी थी। उसके बाद बिहार के वीरेंद्र पासवान को मारा गया। आतंकियों ने बांदीपोरा के मो. शफी लोन को भी मारा था।