स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत तवी रिवर फ्रंट का निर्माण होना है। डीपीआर तैयार है और और बेहतरी की संभावना के लिए आईआईटी जम्मू के पास भेजा गया है। वहीं, टेंडरिंग भी जारी है और कंपनी फाइनल होते दिसंबर में काम शुरू होने की संभावना है। लेकिन अतिक्रमण परियोजना की राह में रोड़ा बनेगा। नगरोटा से लेकर भगवती नगर तक एक हजार से ज्यादा घर अवैध पाए गए हैं। 2018 में में तवी रिवर फ्रंट की डीपीआर फाइनल कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी।
इस दौरान जेडीए ने अतिक्रमण के संबंध में रिपोर्ट सरकार को भजी थी, जिसमें एक हजार से ज्यादा घरों के अवैध होने की जानकारी दी गई थी। अभी तक अतिक्रमण को नहीं हटाया गया है। जेडीए ने तीन साल तक प्रोजेक्ट पर काम किया है और अब यह निर्माण स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हो रहा है। मौजूदा समय में और बेहतरी के लिए आईआईटी जम्मू डीपीआर का निरीक्षण कर रही है। इसमें शहर के सौंदर्यीकरण के लिए राय मांगी गई है।
इसके बाद कंपनी के माध्यम से काम शुरू करवाया जाना है। अब नगर निगम ने भी तवी रिवर निर्माण में अतिक्रमण पर रिपोर्ट तैयार करना शुरू की है। सर्वे में अभी तक एक हजार से ज्यादा घर अवैध पाए गए हैं। इन्हें हटा कर ही निर्माण शुरू होगा। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में काम ऐसी जगह पर शुरू हुआ, जहां पर कोई दिक्कत नहीं है। तवी के तीसरे पुल से चौथे पुल तक काम आरंभ होने की संभावना है। दस किलोमीटर में पांच किलोमीटर दायरे में ही अतिक्रमण है।
तवी के दोनों तरफ बनेंगे सुंदर पार्क और रास्ते
तवी नदी के दोनों ओर सुंदर पार्क, रास्ते, होटल, रेस्टोरेंट का निर्माण होना है। वहीं, कृत्रिम झील का निर्माण भी करवाया जाना है। यहां पर नाव चलेगी। शहर के लोग सुबह और शाम घूमने का आनंद ले सकेंगे।
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एक साल में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य
तवी रिवर फ्रंट पर चार सौ करोड़ रुपये खर्च किया जाना है। पहले जेडीए के पास 150 करोड़ रुपये ही स्वीकृत हो पाए थे। इस कारण कोई भी कंपनी काम करने में हामी नहीं भर रही थी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बजट स्वीकृत हो चुका है। यह कार्य एक साल में पूरा होना है।
तवी रिवर फ्रंट पर काम शुरू करवाया जाएगा। अवैध अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इस पर इनफारसमेंट विंग काम करेगा। काम किसी भी सूरत में नहीं रुकेगा। यह शहर का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है।
- हितेश गुप्ता, डिप्टी सीईओ, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट