जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार चुनाव होंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा की तारीख घोषित कर दी है। तीन चरणों में चुनाव संपन्न होंगे। जम्मू-कश्मीर में तीन यूनिक पोलिंग बूथ भी हैं।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार चुनाव होंगे। चुनाव आयोग चुनाव की तारीखों का एलान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव सबसे बड़ी चुनावी प्रक्रिया रहा। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा मतदान अगर कहीं किसी चुनाव में हुआ तो वह लोकसभा चुनाव 2024 था। ये चुनाव उत्सवी माहौल में हुए। चुनाव आयोग ने कुछ पोलिंग बूथों को यूनिक पोलिंग बूथ बताया है।
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कोरगबल मतदान केंद्र: यह मतदान केंद्र गुरेज विधानसभा क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर स्थित है। यहां पर 100% अनुसूचित जनजाति की आबादी है। 2024 के लोकसभा चुनावों में 80.01% मतदान रहा।
सीमारी मतदान केंद्र: सीमारी मतदान केंद्र कुपवाड़ा जिले में भारत का पहला मतदान केंद्र है। लॉजिस्टिक और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद, यह लगातार उच्च मतदाता मतदान प्राप्त करता है।
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डल झील पर तैरते मतदान केंद्र: मतदान दल को डल झील पर तीन तैरते मतदान केंद्रों तक ले जाने के लिए नौका और शिकारा का उपयोग किया जाता है। डल झील पर 70- खार मोहल्ला आबी करपोरा पुलिस चौकी में केवल तीन मतदाता हैं। निर्वाचन आयोग का कहना है कि पहुंच से बाहर के क्षेत्रों में पहुंच सुनिश्चित की जाए।