प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुंछ जफर हुसैन बेग ने महिला को अगवा करने और बलात्कार के आरोपी इशफाक उर रहमान, उसके पिता मोहम्मद यमन और मां रशीदा बी को बरी कर दिया।
पुलिस केस के अनुसार 3 मई, 2009 को आरोपी नंबर एक ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपनी तलाकशुदा पत्नी को अगवा कर लिया। उसे जम्मू और पंजाब में एक महीने तक रखा और उससे बलात्कार किया।
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया महिला का व्यवहार काफी अनोखा था। उससे छह महीने पहले तलाक लिया गया और बाद में दोबारा शादी करने के लिए जबरदस्ती की गई।
महिला को पहले घर ले जाया गया और उसके बाद पंजाब ले जाया गया। घटना के समय महिला की उम्र 20 साल से अधिक थी।
कोर्ट ने कहा कि हो सकता है महिला आरोपी के साथ गई और अपनी मर्जी से संबंध बनाए। केस जबरदस्ती का नहीं है। उससे बलात्कार और अगवा करने का मामला नहीं बनता है। इन सभी दलीलों के बाद आरोपियों को बरी कर दिया।