जम्मू-कश्मीर में भी पहली बार रोबोटिक सर्जरी की ओर कदम बढ़े हैं। कश्मीर में सर्जनों को रोबोटिक सर्जरी का डेमो दिया गया। ढाई दिनों की इस वर्कशॉप में 130 सर्जनों को रोबोटिक सर्जरी के बारे में विस्तार से बताया गया और दिखाया गया। जीएमसी के पोस्ट ग्रेजुएट डिपार्टमेंट ऑफ सर्जरी की ओर से आयोजित वर्कशॉप में भाग लेने वाले सभी डॉक्टर सर्जन थे।
डॉक्टरों के अनुसार यह चिकित्सा क्षेत्र में एक लाभदायक कदम साबित होगा और ऐसे में सरकारी स्तर पर हर एक मरीज इस तरीके से सर्जरी करा सकता है। जीएमसी में सर्जरी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. मुफ्ती महमूद के अनुसार यह सर्जरी का तरीका पहले यूरोप में था और फिर आहिस्ता आहिस्ता देश तक भी पहुंच गया है।
अभी देश में ऐसे 86 रोबोट्स हैं, जिनमें से 12 दिल्ली में हैं। डॉ महमूद के अनुसार इस सर्जरी के तरीके में काफी फायदे हैं, क्योंकि एक रोबोट की बाजू या हथेली 360 डिग्री भी घूम सकती है जो कि इंसान की हथेली में संभव नहीं।
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इसी खासियत की वजह से यह ऐसी जगहों पर भी पहुंच सकती है, जहां पहुंचना डॉक्टर के लिए मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि इस तरीके की सर्जरी में मरीज का ठीक होने का समय साधारण सर्जरी के मुकाबले में कम होता है और मरीज को टांके बहुत कम लगते हैं, तो इंफेक्शन का भी खतरा बहुत कम रहता है।