जम्मू संभाग का सबसे बड़ा खेल मैदान मौलाना आजाद (एमए) स्टेडियम उद्धाटन के दो साल बाद भी राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों की मैजबानी के लिए तैयार नहीं है। सितंबर से घरेलू सत्र के आयोजन होने जा रहे हैं। ऐसे में क्रिकेट मैदान की कमी के चलते जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को इस बार भी मुकाबलों की मेजबानी मिलना मुश्किल है। इसका कारण है एमए स्टेडियम के जीर्णोद्धार का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। स्टेडियम में कुर्सियां लगने साथ-साथ पिच से जुड़े काम होने बाकी हैं।
एम स्टेडियम के जीर्णोद्धार पर 42 करोड़ की बड़ी राशि खर्च हुई। इतनी राशि खर्च होने बावजूद प्रदेश के स्टेडियम राष्ट्रीय स्तर के मुकबलों की मेजबानी के लिए तैयार नहीं है। 2020 में तत्कालीन उप-राज्यपाल जीसी मुर्मू ने स्टेडियम का शुभारंभ किया था। इसके बाद अब तक स्टेडियम में कुर्सियां लगाने सहित अन्य कार्य पूरा नहीं हो पाया है। एमए स्टेडियम जम्मू संभाग में सबसे बड़ा स्टेडियम है। स्टेडियम में डबल लेयर की 17 हजार कुर्सिया लगाई जानी थीं, लेकिन अब तक 80 प्रतिशत कुर्सियां ही लग पाई हैं। एमए स्टेडियम के जीर्णोद्धार का काम नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनपीसीसी) ने किया है।
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केवल शोपीस बन कर रह गईं फ्लड लाइट
एमए स्टेडियम में चार बड़ी फ्लड लाइट लगी हैं, लाइट लगे हुए दो साल हो गए, लेकिन इनका उपयोग नहीं हो पाया। स्टेडियम में अभी तक कोई नाइट मुकाबला हुआ ही नहीं है। एक समय सरकार ने स्टेडियम में आईपीएल मुकाबलों के आयोजन के सपने दिखाए थे, लेकिन वर्तमान हालात यह है कि स्टेडियम राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों की मेजबानी तक नहीं कर सकता है।