जम्मू-कश्मीर में सरकार की जनवितरण प्रणाली के लाभार्थी बुजुर्ग, दिव्यांग और बिस्तर से उठने में अक्षम मरीज अब अपनी जगह किसी दूसरे को राशन लेने भेज सकेंगे। प्रशासनिक परिषद ने आधार इनेबल्ड नामांकन नीति को मंजूरी दे दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रस्ताव को शनिवार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में मुहर लगा दी गई।
इस नई नीति के तहत वृद्ध, दिव्यांग और बिस्तर से उठने में अक्षम लाभार्थी अपनी जगह किसी और का नाम दर्ज करवाकर रियायती दरों पर मिलने वाला राशन ले सकेंगे। सरकार पर आश्रित लाभार्थी यदि किसी व्यक्ति को नामांकित करने की स्थिति में नहीं है तो विभाग उसे राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
हालांकि आधार इनेबल्ड नामांकित नीति के तहत एकल या दो सदस्यों वाले राशन कार्ड में लाभार्थी की आयु 65 साल से ज्यादा होने या 15 साल से कम नाबालिग या बेड से उठने बैठने में अक्षम व अन्य दिव्यांग ही यह सुविधा ले सकेंगे।
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लाभार्थी तहसील आपूर्ति अधिकारी या राशन डीलर अथवा संबंधित विभाग के सहायक निदेशक के समक्ष नामांकन फार्म जमा करवा सकेंगे। नामांकित व्यक्ति लाभार्थी की जगह राशन लेने के लिए संबंधित डीलर के पास जाएगा और केवाईसी पंजीकरण और बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण करवाएगा।
जहां को नामांकित व्यक्ति उपलब्ध नहीं है, वहां संबंधित तहसील आपूर्ति अधिकारी राशन पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। हालांकि नामांकित व्यक्ति वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत अन्य लाथार्थियों के लिए राशन हासिल करने का पात्र नहीं होगा। प्रदेश में 6738 आउटलेट के माध्यमों से किफायती दाम पर विभाग लोगों को सरकारी राशन की आपूर्ति करने का काम कर रहा हैं।