फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: कोर्ट ने पटवारी पर रिश्वत मामले में लगे आरोप तय किए, मांगी थी बीस हजार रुपये रिश्वत

Wed, 06 Oct 2021 03:02 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

शिकायतकर्ता ने पटवारी अनिल शर्मा से संपर्क किया, जिन्होंने काम की एवज में रिश्वत की मांग की। उन्होंने 20 हजार रुपये उक्त भूमि का फर्द जारी करने के मांगे। पहले दस हजार रुपये और दूसरी बार फिर दस हजार रुपये देने की बात हुई।
विज्ञापन
कोर्ट का आदेश। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन जम्मू रितेश दुबे ने पटवारी अनिल कुमार शर्मा  और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ रिश्वत मामले में आरोप तय किए हैं। एसीबी के अनुसार एक लिखित शिकायत पर 17 दिसंबर 2018 को मामला दर्ज किया गया था। इसमें जयमल सिंह निवासी ग्राम सरोरा तहसील मढ़ जम्मू ने आरोप लगाया कि गांव सरोरा, मढ़ की खसरा संख्या 385 वाली भूमि का %फर्द% जारी करने के लिए तहसीलदार मढ़ के समक्ष एक आवेदन किया, जो उसके पिता के नाम पर है। उसके पिता बीमार है और बहुत बूढ़े हैं।

विज्ञापन


आवेदन को संबंधित पटवारी अनिल शर्मा पटवार हलका सरोरा अकालपुर को भेजा गया। शिकायतकर्ता ने पटवारी अनिल शर्मा से संपर्क किया, जिन्होंने काम की एवज में रिश्वत की मांग की। उन्होंने 20 हजार रुपये उक्त भूमि का फर्द जारी करने के मांगे। पहले दस हजार रुपये और दूसरी बार फिर दस हजार रुपये देने की बात हुई। रिश्वत मामले में एसीबी से संपर्क किया गया।

इस पर जांच की गई और जाल बिछाया गया। इस पर पटवारी अनिल शर्मा पटवारी निवासी सरोरा अकालपुर को फरद जारी करने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया । इसी मामले में एक अन्य आरोपी जोगिंदर लाल निवासी पटनियाल, मढ़ जो ओम ईंट भट्ठे में मुंशी के रूप में कार्यरत हैं, उसे भी गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- कश्मीरी पंडित बिंदरू की हत्या: बेटी बोली- आतंकियों हिम्मत है तो सामने आओ और मेरा सामना करो, तुम सिर्फ...
विज्ञापन


आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ धारा 5 (1) (डी) आर डब्ल्यू 5 (2) जम्मू-कश्मीर पीसी अधिनियम 2006, पीसी अधिनियम 2006 की 4-ए और धारा 120-बी आरपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक जम्मू रितेश दुबे ने मामले में सुनवाई की। वकीलों की दलीलें सुनने के बाद मामले में आरोप तय किया गया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें