जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के प्रमुख और अलगाववादी नेता यासीन मलिक को श्रीनगर में उसके ऑफिस से हिरासत में लिया गया है। शुक्रवार रात पुलिस की एक टीम मलिक के ऑफिस पहुंची और वहां से उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया गया। गिरफ्तार मलिक को आज श्रीनगर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है।
बता दें कि मलिक दिल्ली स्थित एनआईए के हेडक्वार्टर पर विरोध करने के लिए जाने वाले थे, लेकिन जिसके बाद मार्च करने से पहले ही उसके कार्यालय से उसे धर लिया गया। हालांकि इससे पहले पुलिस ने कहा था कि उसे जाने देंगे। बताते चलें कि उत्तर कश्मीर में सोपोर के रिबन इलाके में आतंकियों की खोज अभियान के तहत 22 राष्ट्रीय रायफल्स (आरआर) और सोपोर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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गौरतलब है कि टेरर फंडिंग मामले में NIA की ताबड़तोड़ छापेमारी के विरोध में तीन प्रमुख अलगाववादी नेताओं ने 9 सितंबर को दिल्ली पहुंचकर खुद को एनआईए के हवाले करने का ऐलान किया था। बुधवार को श्रीनगर की जामिया मस्जिद में अलगाववादी नेताओं ने एक बैठक की थी जिसमें हुर्रियत के उदारवादी धड़े के प्रमुख मीरवाईज उमर फारुक और जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक शामिल थे।