रियासती सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के दायरे में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अब पांच किलो अतिरिक्त राशन देने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने मुफ्ती मोहम्मद सईद खाद्य पात्रता योजना की घोषणा की है।
इसमें मिलने वाला राशन एनएफएसए के तहत मिलने वाले पांच किलो राशन के अतिरिक्त होगा। इस योजना के साथ ही रियासती सरकार ने पहले की तरह मिल रहे अधिकतम 35 किलो राशन के कोटे को पूरा कर लिया है। खास बात यह है कि लोगों को क्षेत्र में प्रचलित खाद्य संबंधी आदतों के अनुसार राशन मिलेगा।
जम्मू में 75 फीसदी आटा और 25 फीसदी चावल तो श्रीनगर में चावल मिलेगा। यह फैसला सोमवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में हुई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में किया गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह भी मौजूद थे।
मुफ्ती मोहम्मद सईद खाद्य पात्रता योजना की घोषणा
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कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब दो लोगों के परिवार को 20 किलो (10 किलो एनएफएसए और 10 किलो राज्य योजना), तीन लोगों के परिवार को 30 किलो (15 किलो एनएफएसए और 15 किलो राज्य योजना), चार लोगों के परिवार को 35 किलो (20 किलो एनएफएसए और 15 किलो राज्य योजना), पांच लोगों के परिवार को 35 किलो (25 किलो एनएफएसए और 10 किलो राज्य योजना) तथा छह लोगों के परिवार को 35 किलो (30 किलो एनएफएसए और पांच किलो राज्य योजना) राशन मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य योजना के तहत जो अतिरिक्त राशन मिलेगा उसकी दर भी तय कर दी गई है। आटा 13 रुपये, चावल 15 रुपये और जरूरत के अनुसार जो कोई गेहूं लेगा वह 12 रुपये प्रति किलो मिलेगा।
आटा 75 फीसदी ही मिलेगा। लोगों को राशन उपलब्ध कराने में रियासती सरकार पर सालाना 1497 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। इसके साथ ही वेतन तथा पेंशन के मद में 332 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
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रियासत की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
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