पुलिस ने उस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसमें गिलानी का शव पाकिस्तानी झंडे में लिपटा दिखाया गया था। वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही पुलिस शव को कब्जे में लेने के लिए आगे बढ़ी, दिवंगत अलगाववादी नेता के सहयोगियों ने झंडा हटा दिया।
कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी की मौत के बाद उनके शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटने और राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के आरोप में बडगाम पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस बीच बडगाम जिले के नरकारा में पथराव की छिटपुट घटना को छोड़कर पूरी घाटी में शांति रही। दर्जनभर से अधिक अवांछनीय तत्वों को गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस ने उस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसमें गिलानी का शव पाकिस्तानी झंडे में लिपटा दिखाया गया था। वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही पुलिस शव को कब्जे में लेने के लिए आगे बढ़ी, दिवंगत अलगाववादी नेता के सहयोगियों ने झंडा हटा दिया। 91 वर्षीय गिलानी का लंबी बीमारी के बाद बुधवार रात यहां उनके आवास पर निधन हो गया। शव को पास की एक मस्जिद के कब्रिस्तान में दफनाया गया।
पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान से संचालित कश्मीर मीडिया सर्विस समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म से फर्जी खबरें व वीडियो प्रसारित कर माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है। कुछ स्थानीय मीडियाकर्मी व चैनल भी इसमें शामिल पाए गए। आईजी विजय कुमार ने कहा कि अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। देशविरोधी तत्वों की ओर से इस प्रकार की कोशिशें की जा रही हैं।
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कश्मीर घाटी के ज्यादातर हिस्सों में लोगों के एकत्रित होने पर लगाई गई पाबंदी तीसरे दिन शनिवार को जारी रही। वहीं दो दिन बाद शुक्रवार की रात शुरू इंटरनेट सेवाएं शनिवार सुबह फि र बंद कर दी गईं। बनिहाल से बारामुला के बीच ट्रेन सेवा भी ठप है। इस बीच तीसरे दिन जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बहाल करने के साथ ही रास्ते में फंसे छोटे वाहनों को छोड़ा गया। इससे कई जगह जाम की स्थिति रही। श्रीनगर के पुराने इलाके और हैदरपोरा में पाबंदियां जारी हैं। हैदरपोरा में गिलानी के घर की ओर जाने वाले रास्ते सील हैं।
हिंसा की आशंका में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर वाहनों का आवागमन भी बंद कर दिया गया था। बनिहाल से आगे किसी भी वाहन को जाने नहीं दिया गया। इससे दोनों ओर एक हजार से अधिक वाहन फंस गए थे। प्रशासन ने शनिवार को यातायात बहाल करने के साथ ही तीन दिन से फंसे वाहनों को निकाला। उधमपुर के जखैनी व चिनैनी समेत रामबन जिले में विभिन्न स्थानों पर ट्रक व अन्य बड़े वाहन रोके गए थे।