कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में एलओसी से सटे गुजर्रतूर इलाके में भारतीय जवानों ने शुक्रवार सुबह तीन आतंकियों को मार गिराया। हालांकि सेना उनके शव बरामद नहीं कर सकी है।
उधर, केरन सेक्टर के गांव शाला भाटा में आतंकियों का कब्जा बरकरार है।
सुरक्षा बलों और घुसपैठियों के बीच 12वें दिन भी मुठभेड़ जारी रही। आतंकियों की धरपकड़ को सेना केरन सेक्टर में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चला रही है।
सैन्य प्रवक्ता नरेश बिज के मुताबिक, शुक्रवार सुबह ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से सुरक्षा बलों की मुठभेड़ हुई। इसमें तीन आतंकी ढेर हो गए। यह आतंकी नियंत्रण रेखा पार कर आए थे। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से तीन एके-47, भारी मात्रा में गोला-बारूद और वायरलेस सेट बरामद किया है।
सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल आतंकियों के शव कब्जे में नहीं लिए जा सके हैं। उधर, कुपवाड़ा के केरन सेक्टर के शाला भाटा गांव में 12वें दिन भी आतंकियों और पाक की बार्डर एक्शन टीम (बैट) के सैनिकों से भारतीय जवानों की मुठभेड़ जारी रही।
गांव के खाली पड़े घरों में घुसे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर गोलाबारी की। इस बीच सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आतंकियों को निशाने पर लेकर फायरिंग कर रहे हैं।
सैन्य प्रवक्ता का कहना है कि शाला भाटा गांव में फिलहाल मुठभेड़ चल रही है। शुक्रवार को कुछ वक्त के लिए फायरिंग रुकी थी लेकिन फिर गोलीबारी शुरू हो गई। इस गांव में छिपे
आतंकियों में किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है न ही कोई जवान जख्मी हुआ है। केरन सेक्टर में एलओसी पर भी पाक सैनिकों की तरफ से फायरिंग की जाती रही।
सदन में गूंजा किश्तवाड़ दंगों का मामला
विधानसभा सत्र के दौरान शुक्रवार को सदन में भाजपा सदस्यों ने किश्तवाड़ के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। तख्तियां लेकर पहुंचे भाजपा सदस्यों ने किश्तवाड़ में इंसाफ करो, पीड़ितों को मुआवजा दो और पुलिस का अत्याचार बंद करो के नारे लगाए। भाजपाइयों की नारेबाजी से सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।
विधानसभा अध्यक्ष ने नारेबाजी कर रहे सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की लेकिन वे चुप रहीं हुए। बाद में पंचायती राज मंत्री सरकार की तरफ से जवाब देने का भरोसा दिया।
सदन की कार्यवाही शुक्रवार को शुरू होते ही भाजपा सदस्य जुगल किशोर, अशोक खजूरिया, सुख नंदन चौधरी और श्यामलाल ने किश्तवाड़ का मुद्दा उठाया।
उनका आरोप है कि राज्य सरकार ने किश्तवाड़ में दंगे के दौरान जलाई गई दुकानों का मुआवजा देने की बात कही थी लेकिन वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब पुलिस किश्तवाड़ में बेगुनाहों को परेशान कर रही है।