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जम्मू-कश्मीर में भी होगी तितलियों की गणना, ‘बिग बटरफ्लाई मंथ: इंडिया 2020’ का आयोजन आज से

Sat, 05 Sep 2020 02:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा ओमपाल संब्याल, जम्मू
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Butterfly
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पर्यावरण के स्वास्थ्य की संवेदनशील सूचकांक कही जाने वाली तितलियों की जम्मू-कश्मीर में भी गणना होगी। देशभर में पांच सितंबर से ‘बिग बटरफ्लाई मंथ : इंडिया 2020’ का आगाज हो रहा है। विशेषज्ञों, शोधार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों से लेकर फोटोग्राफी के शौकीन हर वर्ग के लोग इसमें शामिल हो सकते हैं।

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नेशनल सेंटर फार बायोलॉजिकल साइंसेज और बॉंबे नेचुरल हिस्ट्री समेत 50 संस्थाओं के सहयोग से आयोजन में पहले वेबिनार व दिलचस्प प्रतियोगिताएं होंगी, जिसके बाद 14 से 20 सितंबर तक तितलियों की गणना कराई जाएगी। जम्मू-कश्मीर में तितलियों की संख्या और प्रजातियों के ताजा आंकड़े जुटाने की दिशा में इस तरह का पहला कदम है। 

प्रतियोगिताओं के साथ 14 सितंबर से एक सप्ताह तक तितलियों की गणना का शेड्यूल है। इसमें कोई भी व्यक्ति अपने आसपास तितलियों की संख्या, फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर बटरफ्लाईस आफ इंडिया, इंडियन बायोडायवर्सिटी पोर्टल अथवा आई नेचुरलिस्ट पर अपलोड कर सकता है।
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- डॉ. शाखा शर्मा, कोऑर्डिनेटर जम्मू-कश्मीर

फल उत्पादन को निर्धारित करती हैं तितलियां
तितलियों की  संख्या से संबंधित क्षेत्र में जलवायु संबंधी चुनौतियों का आकलन किया जा सकता है। फूलों की परागण प्रक्रिया में मधुमक्खी की तरह ही तितलियों का भी बड़ा योगदान होता है। जहां तितलियों होंगी, वहां फलों का उत्पादन अच्छा होता है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 400 से ज्यादा प्रजातियां
एक रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तितलियों की 400 से ज्यादा प्रजातियां हैं। अकेले लद्दाख में ही 300 से ज्यादा हैं जबकि कश्मीर में ढाई सौ और जम्मू में 200 के करीब प्रजातियां पाई गई हैं। इनमें से 38 प्रजातियों को वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट आफ इंडिया 1972 में शामिल किया गया है। बड़े स्तर पर तितलियों की गणना में इनकी वास्तविक संख्या कहीं ज्यादा होने का अनुमान है।
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