विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता का कहना है कि रियासती कैबिनेट ने अभी विधानसभा सत्र करवाने का कोई फैसला नहीं लिया है। दरबार मूव से जम्मू में कार्यालय बंद होने में कुछ दिन ही शेष हैं। ऐसे में शीतकालीन राजधानी जम्मू में विधानसभा सत्र होने की संभावना न के बराबर है।
पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के चार अप्रैल को रियासत की सत्ता पर आसीन होने के बावजूद विधानसभा सत्र पर राज्य सरकार कोई फैसला फिलहाल नहीं कर पाई है। जम्मू में दरबार मूव कार्यालयों के श्रीनगर शिफ्ट होने में अब गिने-चुने दिन ही रह गए हैं। ऐसे में यहां विधानसभा सत्र होने की संभावनाएं लगभग मंद हो गई हैं।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा सत्र करवाने का फैसला रियासती सरकार की कैबिनेट को लेना होता है। कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में निर्णय लेकर विधानसभा अध्यक्ष को अवगत करवाया जाता है। इसके बाद सत्र शुरू होने की तैयारी शुरू होती है।
नियमों के अनुसार विधानसभा सत्र से पूर्व पर्याप्त व्यवस्था के लिए करीब सप्ताह भर पहले राज्य सरकार को विधानसभा सचिवालय को सत्र की जानकारी देनी होती है। रियासती सरकार अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं ले पाई है। अप्रैल महीने के आखिरी सप्ताह में जम्मू में सचिवालय सहित दरबार मूव से जुड़े सभी कार्यालय बंद हो जाएंगे और मई महीने के पहले सप्ताह के सोमवार को श्रीनगर में खुलेंगे।
ऐसे में जम्मू में अब सत्र होने की संभावना काफी कम है। हालांकि 11 अप्रैल को पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार की पहली कैबिनेट बैठक होने के संकेत हैं। इस बैठक पर सत्र पर फैसला भी संभव है।