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और दूर हो गया सेना के जवानों का तनाव!

Tue, 24 Dec 2013 10:30 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, हमीरपुर, (भिंबर गली)/अमर उजाला
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त्योहार तनाव और थकान भरी जिंदगी में भी खुशी के रंग भर देते हैं। अपने घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर सरहद पर दुश्मनों की नापाक हरकत पर लगातार नजर रखने रूटीन व्यक्तिगत जीवन में झांकने का मौका तक नहीं देता।
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परिवारवालों से बातचीत हुए सप्ताह गुजर जाते हैं, ऐसे में अपनेपन का कोई अहसास सारे तनाव को क्षण भर में निकाल देता है। भिंबर गली से पांच किलोमीटर दूर बिहार रेजिमेंट के फौजियों ने क्रिसमस की पूर्व संध्या पर जमकर जश्न मनाया। झारखंड का जवान सुरेन मुंडा सुबह से ही सांता क्लाज के वेश में संतरी के पास खड़ा था।

वह एक एक फौजी को मिठाई और टाफियां बांट रहा था। फौजियों को क्रिसमस मनाने की छूट अफसरों से भी मिली थी। लिहाजा उन्होंने इस मौके का बखूबी फायदा उठाया। फौजी एक-दूसरे के गले मिल कर क्रिसमस की बधाई देते रहे।
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जम्मू कश्मीर के एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात फौजियों के जिम्मे सिर्फ सरहद की सुरक्षा का ही जिम्मा नहीं है, बल्कि उन्हें लोगों का दिल जीतने का भी टास्क मिला हुआ है। इसी के तहत सेना सद्भावना कार्यक्रम के तहत कई आयोजन करती रहती है। इसमें स्कूलों के संचालन से लेकर प्रतिभावान छात्रों को वजीफा और छात्रों के दल को दूसरों राज्यों में सद्भावना टूर पर भेजने जैसे आयोजन शामिल हैं।

क्रिसमस के एक दिन पहले सेना द्वारा संचालित स्कूलों में भी क्रिसमस की धूम रही। बच्चों में ही कोई सांता क्लाज बना और खुशियों की सौगात टाफियों के रूप में साथियों के बीच बांटी।

सेना के 16वीं कोर के एकमात्र कोर बैटल स्कूल में छात्र के रूप में बच्चे नहीं, बल्कि फौजी होते है। यहां शांति क्षेत्र से जम्मू कश्मीर में तैनात होने के लिए आए फौजियों को वह तमाम गुर सिखाए जाते हैं, जो उन्हें एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दुश्मन को परास्त करने में काम आते हैं। इस स्कूल के छात्र फौजी भी क्रिसमस से एक दिन पहले उत्सव के रंग में दिखे।

राजोरी स्थित इस स्कूल के सैकड़ों फौजी छात्रों ने एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाइयां दीं और समूह परेड के बाद एक स्वर में हैपी क्रिसमस कह कर त्योहार की बधाई दी। क्रिसमस से एक दिन पहले फौजियों के चेहरों से तनाव गायब था। ईद और दीवाली जैसे पर्व की खुशी रस्म के तौर पर मिठाई के आदान-प्रदान से पड़ोसी देश के साथ साझा की जाती है लेकिन क्रिसमस को जवानों ने आपस में खुशी साझा कर त्योहार को उत्सव का रंग दिया।
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