भगवान शिव की दुर्लभ पत्थर की मूर्ति शोपियां के वाची में मिली है। मूर्ति मलहोत्रा में नाला रामबरा से उस समय मिली थी, जब वहां से रेत निकाली जा रही थी।
मूर्ति की जानकारी वाची के डीपीओ ने आर्काइवस, आर्कियोलॉजी और म्यूजियम को दी। विभाग के विशेषज्ञों ने उक्त इलाके का दौरा कर मूर्ति को हासिल किया।
विभाग के विशेषज्ञ इस मूर्ति को कश्मीर के मूर्ति इतिहास में अहम उपलब्धि मान रहे हैं। मूर्ति में भगवान शिव ने तीन सिरों वाला मुकुट पहना हुआ है।
हालांकि मूर्ति के बाजू और टांगों के अलावा तीसरी आंख टूटी हुई है। मूर्ति 9वीं शताब्दी की है और इसकी समानता इससे पहले अवंतीपुर में मिली भगवान विष्णु की मूर्ति के साथ हो रही है।
गौरतलब है कि नवीं शताब्दी के शुरुआत में राजा अवंतिवर्मन के समय अवंतीपुर में मूर्ति उद्योग काफी उन्नति पर था। उस समय जो मूर्तियां बनीं, उनमें अधिकांश वैष्णवमत के विचार से प्रेरित थीं और उस समय विष्णु की सबसे प्रभावशाली मूर्तियां बनी थीं।
अवंतीपुर से मिलने वाली ऐसी कई मूर्तियां रियासत के लाल मंडी म्यूजियम में हैं लेकिन वाची क्षेत्र में मूर्तियों का कोई प्रमाण नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज तक आर्कियोलॉजी के आधार पर इलाके का सर्वे नहीं हुआ है, लिहाजा सरकार को चाहिए कि इसका सर्वे करवाया जाए।