जम्मू कश्मीर राजभवन में अमरनाथा यात्रा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें एलजी मनोज सिन्हा ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) तय समायावधि में श्री अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों की मरम्मत व मार्ग को चौड़ा करने की संभावनाओं को तलाशने को कहा।
वार्षिक पवित्र अमरनाथ यात्रा के इतिहास में पहली अमरनाथ यात्रा के ट्रैक के रखरखाव की जिम्मेदारी बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ) को दी गई है। पवित्र यात्रा आमतौर पर जून या जुलाई के महीने में गंदरबल जिले के बालटाल से शुरू होती है। 15 किलोमीटर लंबे दुर्गम मार्ग से चढ़ाई करते हुए यात्री पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं।
122 आरसीसी के ऑफिसर कमांडिंग (ओसी) दिनेसन कराई ने बताया कि बालटाल से पवित्र गुफा तक का करीब 15 किलोमीटर का ट्रैक है, जिससे बर्फ हटाई जा रही है। दोमेल से आगे जो ट्रैक पर स्थिति सही होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
ट्रैक वही रहेगा लेकिन उसी को ठीक करना है। उसको 12 फुट के करीब चौड़ा करना है। इसके लिए सरकार को डीपीआर सौंप दी है। पहली बार हमारे पास इसकी ज़िम्मेदारी आई है। दोमेल से लेकर पवित्र गुफा तक के ट्रैक पर कई जगहों पर चुनौतियां भी हैं।
पहले चरण में बालटाल से दोमेल तक का स्नो क्लीयरेंस करना है और उसके बाद दूसरे चरण में ट्रैक पर काम शुरू किया जाएगा। अब बालटाल से पवित्र गुफा तक की ज़िम्मेदारी बीआरओ के पास है। 2022 में पवित्र गुफा के पास त्रासदी हुई थी, कई जानें गई थीं। तब वहां मशीनें नहीं पहुंच पाई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए ऐसा ट्रैक तैयार किया जाएगा ताकि मशीनरी, एम्बुलेंस वहां समय पर किसी आपातकालीन स्थिति में पहुंच सके। - सुनील कुमार, जेई, बीआरओ