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बुजुर्ग की इच्छा शक्ति: टीका लगवाने के बाद 96 साल की उम्र में दी कोरोना को मात

Fri, 11 Jun 2021 10:51 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजोरी/जम्मू

सार

रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद अमरनाथ को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और उन्हें अपने परिवार से सामाजिक दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। उनके बेटे ने पिता के ठीक होने का श्रेय समय पर टीकाकरण को दिया है। कहा, अगर मेरे पिता को दो खुराकें नहीं दी जातीं तो वह आज हमारे साथ नहीं होते।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजोरी जिले के सीमावर्ती गांव सासल कोटे के 96 वर्षीय बुजुर्ग अमरनाथ ने टीका लगवाने के बाद मात्र 10 दिनों में ही कोरोना वायरस को मात दे दी है। उनका कहना है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के कारण वह इस उम्र में कोरोना को हरा सके। उन्होंने सभी लोगों से कोरोना टीका लगाने की अपील की है।

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कुछ दिन पहले ही बुजुर्ग अमरनाथ को कोरोना के लक्षण महसूस हुए थे। जांच कराने पर उनका टेस्ट पॉजिटिव आया और तभी से उनका इलाज शुरू हो गया था। अब वह इस संक्रमण से मुक्त हो गए हैं तो उनके परिवार के सदस्य और पड़ोसी उन्हें लड़ाकू बुलाने लगे हैं। अमरनाथ के बेटे विशंभर लाल ने बताया कि उनके पिता नेक कामों के लिए खड़े होने से कभी नहीं डरते। उनमें कुछ दिनों पहले कोविड के लक्षण विकसित हुए। उन्हें तेज बुखार और खांसी थी। तुरंत उन्हें एक स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर ने उनका कोविड परीक्षण किया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

एहतियात के तौर पर परिवार के सभी सदस्यों का परीक्षण किया और वे सभी नेगेटिव पाए गए। उन्हें रात मे होम आइसोलेशन में रखा और संक्रमण को परिवार में फैलने से बचाया। अगले दिन उनकी हालत और खराब हो गई। उनका ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर कम हो गया और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। वह बोल भी नहीं पा रहे थे। उन्हें जीएमसी के कोविड केयर वार्ड में भर्ती कराया गया और मेकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा।
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अस्पताल के डॉक्टर अमरनाथ की सराहना करते हुए कहते हैं, अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने बहुत अच्छी प्रतिक्रिया दी और स्वस्थ होने का अपना दृढ़ संकल्प दिखाया। हमारी पूरी टीम इस बात की पुष्टि कर सकती है कि उनकी इच्छा शक्ति ने ही इतनी जल्दी वायरस से उबरने में मदद की।
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