कश्मीर में भिखरियों पर संकट आ गया है। प्रशासन की सख्ती से उनके समक्ष जीवन यापन की समस्या खड़ी हो गयी है। कोर्ट के आदेश पर अब उन्हें राज्य से बाहर जाना होगा।
फिलहाल पुलिस ने 37 भिखारियों को अपनी गिरफ्त में लेकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। यह लोग अधिकतर उन स्थानों पर मौजूद रहते हैं, जहां पर्यटकों की संख्या भी अधिक रहती है।
डल झील के किनारे सैर कर रही दिल्ली से आई पूजा के अनुसार झील के किनारे अब सैर करना भी मुश्किल लगता है, क्योकि जब भी कोई पर्यटक यहां से गुजरता है तो वहां मौजूद भिखारी उनके पीछे पड़ जाते हैं।
पूजा के अनुसार गैर स्थानीय भिखारियों के कई दल डल झील और इसके आसपास के इलाकों में घूमते नज़र आते हैं। मुंबई से कश्मीर घूमने आई महिला पर्यटक रिम्मी के अनुसार यह भिखारी ऐसे लपकते हैं कि इंसान भयभीत हो जाता है।
कश्मीर में पवित्र रमजान का महीना चल रहा है। इसके चलते भी मस्जिदों और दरगाहों के बाहर भिखारियों की भारी संख्या देखने को मिलती है। पवित्र रमज़ान के महीने के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग काफी दान करते हैं।
श्रीनगर शहर में गैर स्थानीय भिखारियों की बढ़ती संख्या देख पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है।
श्रीनगर के एसएसपी अमित कुमार के अनुसार, पिछले कुछ समय से इन भिखारियों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हो रही थी, जिसके चलते उन्होंने अभियान शुरू किया।
अब तक 37 भिखारियों को गिरफ्त कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिस पर कोर्ट ने जम्मू कश्मीर भिक्षा वृत्ति अधिनियम, 1960 के तहत उन्हें राज्य से बाहर भेजने का आदेश दे दिया।