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रेल बजट ने यात्रियों को किया मायूस

Fri, 11 Jul 2014 11:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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रेल किराया बढ़ाने के बाद रेल बजट में कुछ खास न मिलने से यात्रियों में मायूसी है।
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उनका कहना है कि भारी-भरकम किराया बढ़ोतरी के बाद आधुनिक सुविधाओं के लिए ढेरों घोषणाओं की अपेक्षाएं थीं लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।

देश के अधिकांश स्टेशन आज भी साफ-सफाई, सुरक्षा, प्लेटफार्म की किल्लत, पैसेंजर वेटिंग हाल जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं।

जम्मू रेलवे स्टेशन को भी विकसित करने पर कुछ खास नहीं हो पाया है। वर्षों से स्टेशन पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है।

उल्लेखनीय है कि रेल बजट में कामाख्या से कटड़ा के लिए साप्ताहिक, इंदौर से जम्मू के लिए साप्ताहिक, कानपुर से जम्मू के लिए सप्ताह में दो दिन ट्रेन चलाने की घोषणा की गई।

रेलवे स्टेशन जम्मू पर पहुंचे कानपुर निवासी बृज ने कहा कि रेल विकास के लिए किराया बढ़ाना लाजिमी है लेकिन इसके बदले यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएं।
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जम्मू स्टेशन पर ही बदहाल साफ-सफाई रेल व्यवस्था की पोल खोल रही है। सुरक्षा की बात करें तो वह खुद दो बैग लेकर सीधे प्लेटफार्म तक पहुंच गए लेकिन जांच के लिए किसी ने रोकने की जहमत नहीं उठाई।

एक अन्य यात्री कानपुर निवासी प्रीति ने कहा कि भारतीय रेल में लेटलतीफी गंभीर समस्या बन चुकी है। घंटों देरी से ट्रेनें छूटने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसका मुख्य कारण कई स्टेशनों पर कम प्लेटफार्म होना है, जिससे प्लेटफार्म खाली न होने से मंजिल तक पहुंचकर भी अधिकांश ट्रेनें घंटों बेवजह आउटर पर खड़ी रहती हैं।

एक अन्य यात्री ऊषा ने कहा कि स्टेशनों पर पैसेंजर वेटिंग हालों को विकसित किया जाए। देश के अधिकांश स्टेशन इस समस्या से जूझ रहे हैं।

यूपी निवासी सोनिया ने कहा कि रेल किराया बढ़ाकर यात्रियों की जेब पर बोझ डाला गया है। लेकिन ट्रेनों में सीट ही उपलब्ध नहीं होती है। इसके लिए अतिरिक्त ट्रेनें शीघ्र चलाई जाएं।
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इटाबाद निवासी निर्मल सिंह ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा के लिए लंबी दूरी की ट्रेनें शीघ्र चलाई जाएं। डीएमयू चलाने से यात्रियों को खास राहत नहीं मिल रही है। इसमें यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी सफर के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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