पिछले पांच दिन से कर्फ्यू की मार झेल रहे बांडीपोरा और आसपास के क्षेत्रों से बुधवार को प्रशासन ने कर्फ्यू हटा लिया। कर्फ्यू हटने के बाद बड़ी संख्या में लोग आवश्यक सामान खरीदने के लिए बाजारों में उमड़ पड़े।
शनिवार को पुलिस की गोली से एक युवक की मौत के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर बेमियादी कर्फ्यू लगा दिया था।
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारियों के हिंसक होने और पुलिस वाहन को आग लगाने के बाद सुरक्षा बलों ने लोगों को खदेड़ने के लिए पहले लाठियां चलाईं थीं।
स्थिति अनियंत्रित होने के बाद आंसू गैस और गोली चलानी पड़ी थी, जिसमें एक युवक फरहत अहमद डार की मौत हो गई थी।
मंगलवार को प्रशासन ने लोगों की समस्या को देखते हुए कर्फ्यू में तीन घंटे की छूट दी थी लेकिन उसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर सुरक्षा बलों पर पथराव किया था, जिसके बाद फिर कर्फ्यू लगाना पड़ा था।
पुलिस के अनुसार बुधवार को हालात नियंत्रण में होने के बाद कर्फ्यू और प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। साथ ही सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
बांडीपोरा के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर की देखरेख में जांच का कार्य होगा। हालांकि पीडीपी ने मजिस्ट्रेट जांच को नकार दिया है।