फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाक फायरिंग की आड़ में घुसे 80 आतंकी

Mon, 28 Oct 2013 11:32 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्रा/अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान द्वारा एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार फायरिंग की आड़ में अब तक 80 आतंकी घुसपैठ में सफल रहे हैं। इस बाबत जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है।
विज्ञापन


मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 120 आतंकी घुसपैठ में सफल रहे थे। गृह विभाग का मानना है कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में 200 प्रशिक्षित आतंकी सक्रिय हैं जिनमें से लगभग 50 की सक्रियता जम्मू संभाग में हैं।

पाकिस्तान द्वारा इस बार सीजफायर का उल्लंघन दस साल में सबसे अधिक हुआ है। इस साल जनवरी से अब तक दो सौ से अधिक बार पाकिस्तान ने युद्ध विराम तोड़ा है।

केरन में घुसपैठ के अलावा घाटी के अन्य क्षेत्रों में भी घुसपैठ हुई। पाकिस्तान ने अब अलगाववादियों की फंडिंग भी बढ़ा दी है जिसकी वजह से घाटी के इलाके में अशांति बढ़ी है।
विज्ञापन


बदला घुसपैठ का तरीका
आतंकी घटनाओं के अलावा अलगाववादियों के बंद और प्रदर्शन भी पुलिस के लिए सिरदर्द बने हैं। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने अब घुसपैठ की रणनीति भी बदली है। पहले रात के अंधेरे में घुसपैठ होती थी लेकिन अब पाक फायरिंग की आड़ में दिन में भी घुसपैठ हो रही है।

पुलिस भी मानती है कि सीमा के उस पार से अब भी 400 प्रशिक्षित आतंकी घुसपैठ की कोशिश में हैं। सेना, सुरक्षा बल और पुलिस संयुक्त रूप से स्थिति की समीक्षा कर जवाबी कार्रवाई कर रही है।

पुलिस दावा करती है कि सुरक्षा बल और पुलिस में अंदर घुस आए आतंकियों को विफल करने की क्षमता है। उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी हैं। इन्हें नियंत्रण में लेने के बाद पुलिस और सुरक्षा बल पर हमले की घटनाएं कम हो जाएंगी।

सोपोर में हिज्ब, दक्षिणी कश्मीर में लश्कर सक्रिय
सोपोर में हिज्ब के आतंकी की सक्रियता अधिक है जबकि दक्षिणी कश्मीर में लश्कर ए तोएबा के आतंकियों की सक्रियता है जिसका कमांडर कासिम है। लोआब, त्राल और रजवार में भी कुछ आतंकी मौजूद हैं।

आतंकियों में सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने के लिए उन्हें निशाना बनाना शुरू किया है। इससे पहले आतंकी सरपंचों और पंचों को निशाना बना रहे थे। पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर ए तोएबा और हिजबुल मुजाहिदीन संयुक्त कार्रवाई भी करने लगे हैं।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें