मिड-डे मील खाकर बीमार हुए बच्चे
- फोटो : Amar Ujala
जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर घाटी पंचायत के अपर प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील खाने से 80 बच्चों को फूड प्वाइजनिंग हो गई। सुबह 11 बजे के लगभग बच्चों को स्कूल की मिड-डे मील में रोंगी (सोयाबीन) की दाल और चावल परोसे गए थे। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चे पेट दर्द की शिकायत करने लगे तथा उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं।
स्कूल प्रबंधन ने इसे पहले हल्के में लिया, लेकिन, एक के बाद एक बच्चे को जब उल्टी दस्त होने लगी, तो उनको एक-एक कर नजदीकी प्राइमरी हेल्थ सेंटर में भर्ती करवाया गया। बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलते ही अभिभावक भी स्कूल पहुंचने लगे। दोपहर साढ़े बारह बजे तक पीएचसी से गंभीर हालत वाले 19 बच्चों को जिला अस्पताल कठुआ रेफर किया जा चुका था।
दोपहर दो बजे के लगभग 28 अन्य बच्चों को भी जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अन्य 33 बच्चों का पीएचसी में इलाज जारी रहा। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला भी अस्पताल पहुंचा। सहायक आयुक्त राजस्व अतुल गुप्ता समेत मुख्य शिक्षा अधिकारी बलवीर सिंह और तहसीलदार अवतार सिंह भी जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों का हाल जानने पहुंचे।
जांच प्रक्रिया पूरी होने तक हेडमास्टर निलंबित
पंचायत घाटी के अपर प्राइमरी स्कूल में 80 बच्चों को फूड प्वाइजनिंग के मामले में जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। जिला उपायुक्त कठुआ ने बताया कि स्कूल के हेडमास्टर को जांच प्रक्रिया पूरा होने तक निलंबित कर दिया गया है।
भोजन और पानी के सैंपल भरने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी समेत तहसीलदार को जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।