अगले 30 साल तक शहर में आबादी का वेस्ट संभाल सकने की क्षमता वाली स्वच्छता के लिहाज से इस मत्वाकांक्षी परियोजना में सीवरेज के शहर में 6 बड़े कंपोनेंट होंगे, जिन्हें इंटीग्रेटिड पंपिंप स्टेशन नाम दिया गया है। इसमें पूरे शहर के प्रत्येक घर से निकलने वाला दूषित जल जाएगा। इन छह इंटिग्रेटिड पंपिंग स्टेशनों से मेन पंपिंग स्टेशन तक दूषित जल को भेजा जाएगा, जहां से दूषित जल को चन्नग्रां में प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीटमेंट दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार रामलीला मैदान के विपरीत ड्रीमलैंड पार्क के नजदीक पहला इंटिग्रेटिड पंपिंग स्टेशन होगा। इसके लिए 450 वर्ग मीटर जगह की जरूरत है। दूसरा स्टेशन भरमौरा मिडिल स्कूल के तालाब के नजदीक होगा और इसके लिए 300 वर्ग मीटर जगह की जरूरत है। तीसरा स्टेशन जराई मार्ग 450 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।
चौथा स्टेशन शहीद कैप्टन सुनील चौधरी चौक के विपरीत स्थापित किया जाएगा। पांचवां पंपिंग स्टेशन हंस पंपिंग स्टेशन के नजदीक स्थापित किया जाएगा। पांचवां पंपिंग स्टेशन चनग्रां के नजदीक स्प्रिंग डेल्स स्कूल के पास स्थापित किया जाएगा। इन सभी पंपिंग स्टेशन से दूषित जल को पंप कर मुख्य पंपिंग स्टेशन तक और फिर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कठुआ को लेकर डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए भेजी जा चुकी है। यह शहर में दूषित जल के प्रबंधन और ट्रीटमेंट पर काम करेगी। जिससे शहर को दूषित जल से मुक्त कर स्वच्छता के पायदान में एक कदम और आगे ले जाया जा सकेगा। - अश्विनी सेठ, कार्यकारी अभियंता, यूईईडी