रियासत के 50 केएएस अफसरों को डिफाल्टर घोषित किया गया है। सालाना प्रापर्टी रिटर्न न भरने के कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 21 दिनों में नोटिस का जवाब देना होगा। जीएडी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि जवाब न मिलने की स्थिति में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जीएडी ने डिफाल्टर अफसरों की सूची राजभवन को भी भेजी है। इस मामले पर राज्यपाल की भी नजर है। रियासत में 515 केएएस अफसरों में से 465 ने प्रापर्टी रिटर्न जमा कर दिया है। शेष 50 ने अब तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है।
नोटिस में कहा गया है कि सरकारी नियमों के तहत प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को सालाना प्रापर्टी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। जनवरी के महीने में दाखिल किए जाने वाले रिटर्न में यह भी बताना होगा कि उनकी संपत्ति कितनी बढ़ी है तथा इस बढ़ोतरी के स्रोत क्या हैं।
प्रापर्टी रिटर्न न दाखिल करने वाले अधिकारियों को 19 फरवरी को विभाग की ओर से नोटिस जारी कर 23 फरवरी तक रिटर्न जमा करने को कहा गया था। नोटिस में कहा गया है कि नोटिस के बाद भी अब तक उनकी ओर से सालाना प्रापर्टी रिटर्न जमा नहीं किया गया है।
यह उनके खिलाफ सरकारी नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की श्रेणी में आता है। ज्ञात हो कि 19 फरवरी को जो सूची जारी की गई थी उनमें 176 डिफाल्टर थे।