जम्मू। स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के न होने से मरीजों व उनके तीमारदारों को कई प्रकार की दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उल्लेखनीय है कि रियासत के स्वास्थ्य केंद्रों में एनएचएम कर्मचारी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनके सहयोग से शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। एनएचएम कर्मचारियों की तय मानकों के तहत वेतन बढ़ोतरी नहीं की गई है। हड़ताल में आरएनटीसीपी, नैको, आईडीएसपी, एनपीसीडीएस, सीओबी, डाक्टर एसोसिएशन कश्मीर (डाक), ईजेएसी और अन्य पैरा मेडिकल कर्मचारी एसोसिएशनों ने समर्थन दिया है। एनएचएम कर्मियों की मांगों में पांच साल से कार्यरत कर्मियों को स्थायी करने, समान काम के लिए समान वेतन देने, कर्मियों को वार्षिक इंक्रीमेंट देने, कर्मियों को पीएफ, मेटर्निटी, बेबी केयर, मेडिकल, अर्न्ड लीव देने, मेडिकल इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस का लाभ देने और नौकरी सुरक्षा को पुख्ता बनाने जैसी मांगें शामिल हैं।
वित्त विभाग के पास मामला भेजा : बाली
स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने बताया कि 8402 एनएचएम और 155 जेकेएसएसीएस कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामले को मंजूरी देकर वित्त विभाग के पास भेजा गया है। इसके अलावा जीएमसी जम्मू में एसआरओ-384 के तहत कार्यरत 18 सहायक सर्जनों को छह साल के एक्सटेंशन की मंजूरी दी गई है।