राजस्थान के प्रतापगढ़ में पिछले दिनों शौच समझाइश मामले में हुई एक व्यक्ति की मौत के चर्चित मामले में मंगलवार को नया मोड़ आया है। राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि श्रमिक नेता जफर हुसैन की मौत मारपीट से नहीं बल्कि विवाद के दौरान हॉर्टअटैक से हुई थी।
कटारिया ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में जफर हुसैन की मौत हार्ट अटैक से होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि जफर की मौत के बाद प्रतापगढ़ के कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी। उन्होंने इस बात का खंडन किया कि कच्ची बस्ती में शौच करने गई महिलाओं की नगर पालिका की स्वच्छ भारत अभियान मिशन की टीम ने फोटो ली थी। उन्होंने कहा कि यदि यही विवाद होता, तो टीम वापस बस्ती वालों को खुले में शौच नहीं करने की समझाइश करने नहीं जाती।
जानकारी के अनुसार प्रतापगढ़ नगर पालिका की स्वच्छ भारत अभियान मिशन टीम बगवास कच्ची बस्ती में 16 जून को खुले में शौच करने से रोकने के लिए महिलाओं को समझाइश कर रही थी। इस दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि समझाईश कर रहे कर्मचारियों ने उनकी शौच करते वक्त फोटो ले रहे थे।
विवाद इतना बढ़ा की नौबत मारपीट तक आ गई। जिसमें जफर (55) नामक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई थी। जफर श्रमिक नेता था। श्रमिक नेता की मौत की सूचना मिलते ही बस्ती के लोगों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया और हाईवे भी जाम कर दिया था। घटना के बाद मृतक जफर के भाई नूर मोहम्मद की ओर से पांच जनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया गया था।