राजस्थान हाईकोर्ट ने कार्मिक सचिव, शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि स्कूल व्याख्याता भर्ती-2015 में सरकारी कर्मचारी को आयु सीमा में छूट का लाभ क्यों नहीं दिया गया। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता अभ्यर्थी को भर्ती के लिए आयोजित काउंसलिंग में शामिल करने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश वीके व्यास की अवकाशकालीन एकलपीठ ने यह आदेश रामप्रकाश की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता आरपी सैनी ने अदालत को बताया कि तृतीय श्रेणी अध्यापक के पद पर कार्यरत याचिकाकर्ता ने स्कूल व्याख्याता भर्ती-2015 की मेरिट में स्थान प्राप्त किया। इसके बावजूद उसे यह कहते हुए काउंसलिंग में नहीं बुलाया कि वह ऊपरी आयु सीमा पार कर चुका है। याचिका में कहा गया कि सरकारी अध्यापक को नियमानुसार पन्द्रह साल की ऊपरी आयु सीमा में छूट देने का प्रावधान है। आयोग इससे पहले प्रधानाध्यापक भर्ती में अन्य अभ्यर्थियों को यह छूट दे चुका है। ऐसे में याचिकाकर्ता को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को काउंसलिंग में शामिल करने के आदेश देते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।