शादी—विवाह में विभिन्न प्रकार का इंतजाम करने वाले लोग कुछ दिन तक पुलिस की नजरों में रहेंगे। दरअसल 28 अप्रेल को आखा तीज (अक्षय तृतीया) है। इस दिन प्रतिवर्ष सबसे अधिक बाल विवाह के मामले सामने आते है।
इसी को देखते हुए जयपुर के एडीएम हरी सिंह मीणा ने पुलिस विभाग से कहा है कि उन लोगों पर नजर रखी जाए, जिन पर विवाह की रस्म निभाने की जिम्मेदारी होती है। ये लोग अपने-आप वहां पहुंचा सकते हैं, जहां बाल विवाह हो रहा हो। इसके अतिरिक्त जन प्रतिनिधियों व ग्राम सेवकों से भी बाल विवाह पर नजर रखने के लिए कहा गया है। एडीएम मीणा ने पंडित, कैटरर, वीडियोग्राफर, नाई, बैण्डवालों व टैंट का सामान उपलब्ध कराने वालों पर सख्ती से नजर रखने के लिए कहा है।
साथ ही, बाल विवाह में बाराती सम्मलित होंगे वे भी पुलिस की नजर में रहेंगे। उन्होंने कहा है कि कानून के मुताबिक ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी की जाएगी। गौरतलब है कि सरकार बाल विवाह को रोकने व लोगों के इसके प्रति जागरुक करने के लिए काफी सक्रिय है।
साथ ही, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भी गांव व उनके क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक घर में कितने बच्चे इसका रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए कहा है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में 16 जिले ऐसे है जिनका रिकॉर्ड बाल विवाह के मामले में सबसे अधिक खराब है।
इससे पूर्व महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री अनीता भदेल ने भी आदेश जारी किए थे कि बाल विवाह रोकने के लिए कार्ड छापने वाले, पंडितों आदि पर नजरें रखी जाएं।