जयपुर महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-4 ने स्मार्ट सिटी के लिए किए जा रहे कार्य से परकोटे को नुकसान पहुंचाने के मामले में निगम आयुक्त, पुरातत्व निदेशक और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अदालत ने यह आदेश नमन पारीक व अन्य की ओर से दायर दावे पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। दावे में कहा गया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के चलते अजमेरी गेट परकोटे से सटाकर प्लेटफार्म का निर्माण किया गया है। इसके अलावा परकोटे में भी तोड़फोड़ की गई है। जबकि हाईकोर्ट ने ब्रजमोहन जांगिड़ के मामले में परकोटे के दोनों तरफ पांच-पांच मीटर की दूरी में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगा रखी है।
दावे में कहा गया कि राजस्थान पुरा स्मारक पुरावशेष स्थान तथा प्राचीन वस्तु अधिनियम, 1961 की धारा 3 के तहत परकोटा संरक्षित स्मारक की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद भी परकोटे का संरक्षण करने के बजाय स्मार्ट सिटी के कार्य के चलते इसमें तोड़फोड़ हो रही हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।