राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि 2013 में सहायक कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य पदों पर निकाली भर्तियों को वापस क्यों लिया गया। न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश महेन्द्र प्रताप व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने 25 मार्च 2013 को सहायक कार्यक्रम अधिकारी और कम्प्यूटर अनुदेशक सहित अन्य पदों पर भर्ती निकाली। जिसमें करीब तीन साल से अधिक बेरोजगारों ने आवेदन किया। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता के दस्तावेज सत्यापन के बावजूद उसे नियुक्ति नहीं दी गई। इस पर याचिकाकर्ता ने पूर्व में हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर अदालत ने याचिकाकर्ता को अपनी आपत्ति विभाग में पेश करने को कहा। याचिकाकर्ता की ओर से आपत्ति पेश करने के बाद राज्य सरकार ने गत 3 जुलाई को इन भर्तियों को वापस ले लिया।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।