राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव, प्रमुख शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि पांचवी कक्षा के उर्दू माध्यम के विद्यार्थियों के लिए उर्दू माध्यम से परीक्षा क्यों नहीं ली गई।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश अल्पसंख्यक विकास संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि शिक्षा विभाग ने कक्षा पांचवी के विद्यार्थियों के लिए प्रश्न पत्र केवल हिन्दी और अंग्रेजी भाषा में ही तैयार करवाकर परीक्षा ली। जिसके चलते उर्दू माध्यम से अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को परीक्षा देने में काफी दिक्कत आई। हिन्दी और अंग्रेजी भाषा की समझ नहीं होने के चलते इन विद्यार्थियों ने प्रश्न पत्र हल नहीं किए।
जिसके कारण उनके पर्याप्त अंक नहीं आए। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन भी दिया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।