राजस्थान हाईकोर्ट ने वकील को चैम्बर आवंटन नहीं होने के मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आठ बाई आठ के चैम्बर का छह से दस वकीलों को आवंटन किया गया है, इससे चैम्बर्स किस काम के रह जाएंगे? वकीलों को चाय की थड़ियों से वकालत चलानी पड़ रही है। इससे वकालत के पेशे की गरिमा गिरती है।
अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए ये भी कहा कि देश गौवंश बचाने के अभियान में लगा है, यहां वकीलों को दुर्गति से कौन बचाएगा? इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 26 फरवरी तक टालते हुए मौखिक रूप से चैम्बर आवंटन प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश अभिनव शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।