वसुंधरा राजे ने सोमवार को ’स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’ की शुरूआत की
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जयपुर में अब गीला कचरा हरे और सूखा कचरा नीले डस्टबिन में एकत्र किया जाएगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को यहां सीएम हाउस पर आयोजित कार्यक्रम में ’स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’ की शुरूआत की। राजे ने डोर-टू-डोर कचरा एकत्र करने वाले वाहन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रंग के डस्टबिन से डालकर इस अभियान का आरंभ किया।
मुख्यमंत्री ने ’स्वच्छ जयपुर-स्वस्थ जयपुर, स्वच्छ राजस्थान-स्वस्थ राजस्थान’ का नारा देते हुए कहा कि शहर स्वच्छ होगा तो स्वस्थ होगा और पूरा राजस्थान स्वच्छ होगा तो स्वस्थ रहेगा। उन्होंने कहा कि गीला कचरा हरे डस्टबिन में और सूखा कचरा नीले डस्टबिन में डालने से कचरे का सही निस्तारण हो पाएगा और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गीला और सूखा कचरा एक साथ मिलने से पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ता है। सभी मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं और प्रदेश की जनता तक इसका संदेश पहुंचाएं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रंग के डस्टबिन में डालने की शुरूआत हुई है। देश के 4,041 शहरों में कचरा निस्तारण के इस अभियान की शुरूआत हुई है। प्रदेश में यह अभियान जयपुर से शुरू हुआ है, लेकिन दूसरे शहरों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छोटे-बडे सभी शहर कचरा निस्तारण के इस अभियान को अपनाएंगे।
इस अवसर पर यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी, मेयर अशोक लाहोटी, उप महापौर मनोज भारद्वाज, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग मंजीत सिंह, जयपुर नगर निगम के कमिश्नर रवि जैन उपस्थित थे।