केन्द्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। केन्द्र में भाजपा के सत्तारुढ़ होने के बाद भाजपा ने देश में तेजी से विस्तार किया है। केंद्रीय मंत्रिमण्डल के विस्तार और भाजपा शासित राज्यों में शीर्ष नेतृत्व को बदलने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पिछले माह पांच विधानसभा राज्यों के आए चुनाव नतीजे भी भाजपा के पक्ष में ही रहे। संगठनात्मक स्तर पर भाजपा शासित राज्यों में शीर्ष नेतृत्व को बदलने की चर्चाओं में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली बुलाने की बात की जा रही है।
हालांकि कुछ राजनीतिक जानकार कहते हैं दोनों ही राज्यों में अगले वर्ष चुनाव होने है, इसलिए नेतृत्व परिवर्तन की संभावना के बारे में पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता। राजनीतिक गलियारों में दबी जुबान में कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री राजे और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के बीच रिश्ते सहज नहीं है और यह किसी से भी छिपा नहीं है।
माना जा रहा है इस माह के अंत तक संभावित केन्द्रीय मंत्रिमण्डल के फेरबदल में वसुंधरा राजे को जगह दी जरा सकती है। वहीं भाजपा शासित हरियाणा व गुजरात में भी फेरबदल देखा जा सकता है। हालांकि हाल ही में आए उपचुनाव के नतीजों में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लेकिन फिर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है कई नेताओं को दिल्ली भेजा जाएगा।