राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार प्रदेश के लोगों को जल्द ही वंदे भारत एक्सप्रेस का चुनावी तोहफा दे सकती है। अप्रैल के पहले सप्ताह से राजधानी जयपुर से दिल्ली के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत हो जाएगी।
रविवार को शताब्दी एक्सप्रेस से जयपुर स्टेशन पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, स्पेशल डिजाइन में तैयार हुई वंदे भारत एक्सप्रेस 24 मार्च को जयपुर पहुंच जाएगी। यहां उसका ट्रायल रन करने के बाद मार्च के आखिरी या फिर अप्रैल के पहले सप्ताह में आम जनता के लिए सुविधा शुरू कर दी जाएगी। अभी दिल्ली तक जाने में शताब्दी एक्सप्रेस से 4:45 घंटे लगते हैं, लेकिन वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ 1:45 घंटे में पहुंचा देगी।
बताते चलें, अभी जयपुर और दिल्ली रूट पर डबल डेकर ट्रेन चलती है। ऐसे में यहां इलेक्ट्रिसिटी वायर की हाइट थोड़ी ज्यादा है। इसी कारण से इस रूट के लिए रेलवे ने वंदे भारत ट्रेन की डिजाइन में थोड़ा परिवर्तन किया है। इसके अलावा राजस्थान के रेलवे कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग के लिए चेन्नई भेजा गया है। ट्रेन को चलाने के सिलसिले में रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को जयपुर स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन के मेंटेनेंस को लेकर तैयारियों का जायजा भी लिया है। मंत्रालय की ओर से जल्द ही वंदे भारत ट्रेन का रेट और रूट भी जारी किया जाएगा।
16 डिब्बे में 1196 यात्री कर सकेंगे सफर...
वंदे भारत ट्रेन में 16 पैसेंजर कार हैं। इसमें 1,196 यात्री सफर कर सकेंगे। एक पैसेंजर कार में सीटिंग अरेंजमेंट 3X2 रहेगा और 78 सीटें होंगी। जबकि ट्रेन में दो बोगी एग्जीक्यूटिव क्लास की रहेंगी, जिसमें सीटिंग अरेंजमेंट 2X2 का होगा और 52-52 यात्री सफर कर सकेंगे। इस ट्रेन में दो तरह के कोच होंगे। एक एक्जीक्यूटिव श्रेणी और दूसरी चेयर कार। एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया चेयर से करीब दोगुना होता है। इसके अलावा बेस फेयर, रिजर्वेशन चार्ज, सुपर फास्ट चार्ज के साथ-साथ जीएसटी और कैटरिंग चार्ज भी शामिल होता है। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के किराए में आईआरसीटीसी का कैटरिंग चार्ज शामिल होगा। हालांकि, यात्रियों को भोजन न लेने का विकल्प नहीं दिया जाएगा। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि जयपुर से दिल्ली के बीच चलाने वाली वंदे भारत ट्रेन के चेयर कार का किराया न्यूनतम 800 और एग्जीक्यूटिव का 1800 रुपये तक हो सकता है। इसमें रिजर्वेशन, सुपर फास्ट, जीएसटी और कैटरिंग चार्ज शामिल है।
साल 2014 के बाद 14 गुना बढ़ा रेलवे बजट...
रेल मंत्री ने एक सभा में कहा कि रेलवे ने राजस्थान को बहुत सारे नए प्रोजेक्ट दिए हैं। प्रदेश के 82 रेलवे स्टेशन का रिनोवेशन किया जा रहा है। इन्हें अगले कुछ वक्त में वर्ल्ड क्लास स्टेशन की तर्ज पर डेवलप किया जाएगा। साल 2009 से 2014 तक राजस्थान रेलवे के लिए सिर्फ 600 करोड़ रुपये का बजट था। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद 14 गुना यानी नौ हजार करोड़ बजट राजस्थान रेलवे प्रोजेक्ट के लिए खर्च किया जा रहा है।