कोटा में नगर निगम की ओर से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट एवं अमृत योजना के तहत करवाए गए कार्यों का रविवार को लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में स्मार्ट सिटी के तहत करवाए जाने वाले कार्यों में जनप्रतिनिधियों का आपसी तालमेल नहीं होने से विवाद भी देखने को मिला। कोटा नगर विकास न्यास के चेयरमैन रामकुमार मेहता को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। इससे नाराज मेहता कार्यक्रम में पहुंचे तो सही, लेकिन मंच पर ही महापौर महेश विजय और नगर निगम आयुक्त विक्रम जिंदल पर उखड़ गए। इस पर वहां मौजूद मुख्य अतिथि सांसद ओम बिड़ला और विधायक भवानी सिंह राजावत ने समझाइश कर मामले को शांत किया। गौरतलब है कि रामकुमार मेहता स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के वाइंस चेयरमैन भी हैं।
कार्यक्रम में कोटा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शुरू किए गए कार्यों को जल्द ही पूरा करवाने के लिए सासंद ओम बिड़ला ने नगर निगम, नगर विकास न्यास के साथ ही आम जनता से भी भागीदारी दर्ज करवाने की अपील की। कार्यक्रम में महिलाओं के समूह को आजीविका मिशन के तहत दी जाने वाली सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। साथ ही, स्मार्ट सिटी के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया।