राजस्थान के उदयपुर में घाणेराव की घाटी इलाके में चल रही नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। यह फैक्ट्री पिछले एक साल से चल रही है। घंटाघर पुलिस ने इस मामले में ललित सोनी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि घाणेराव की घाटी निवासी ललित पुत्र गोपाल सोनी के मकान पर कांस्टेबल तरुण कुमार को मिली सूचना के आधार पर दबिश दी गई। आरोपी ललित सोनी पुलिस के आने से अचानक से हड़बड़ा गया। पूछताछ में उसने अपनी दुकान पर चांदी के जेवर व सिक्के बनाने की बात कबूली। दुकान से डाई मशीन के अलावा पांच रुपए के सिक्के की डाई और करीब 40 सिक्के भी बरामद किए गए। पुलिस को आरोपी के घर से नकली सिक्के बनाने की हाइड्रॉलिक पावर प्रेस मशीन और पांच रुपए के सिक्के बनाने की डाई बरामद हुई है।
ललित सोनी ने बताया कि रियल स्टेट के काम के सिलसिले में उसकी भीलवाड़ा निवासी शिवलाल सोनी मुलाकात हुई थी। पहले दोनों उदयपुर के निकट डबोक में डाई कटिंग का काम किया। इसके बाद शिवलाल ने चांदी के सिक्कों की बनाने का काम शुरु किया। नकली सिक्के इन्होंने टोल नाकों को दिए। इसके अलावा चित्तौड़गढ़ और निंबाहेड़ा में भी सिक्के चलाए।
इस मामले का मास्टरमांइड शिवलाल सोनी और उसका सहयोगी सौरभ जैन अभी फरार है। जिसकी गिरफ्तारी होने के बाद अन्य कई राज भी सामने आ पाएंगे। पुलिस ने ललित सोनी, प्रकरण के मास्टर माइंड शिवलाल सोनी और सौरभ जैन के खिलाफ नकली सिक्के बनाने व उन्हें बाजार में चलाने का मामला दर्ज किया।