यदि कोई व्यापारी विरोध प्रदर्शन में साथ ना दे तो ये उसका निजी फैसला है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। व्यापार संघ ने चार व्यापारियों से व्यापारिक रिश्ते नहीं रखने का फरमान केवल इसलिए जारी कर दिया क्योंकि ये उनके विरोध में शामिल नहीं हुए।
मामला बाड़मेर की कृषि मंडी से जुड़ा हुआ है। यहां जीएसटी के विरोध में मंडी बंद है। इसी दौरान चार व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोले रखीं। इससे नाराज होकर मंडी व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने इन चार व्यापारियों को मंडी से बहिष्कृत कर दिया। साथ ही, मौखिक फरमान भी जारी कर दिया कि आगामी 15 जुलाई तक इन व्यापारियों से कोई व्यापारिक रिश्ते भी नहीं रखेगा यानी इन्हें कोई माल नहीं बेचेगा। इन चार व्यापारियों पर दंड के रूप में एक हजार रुपए की रसीद गौशाला या फिर कबूतरों के लिए अनाज के लिए कटाने की बात भी कही गई है।
पीड़ित व्यापारी अशोक भूतड़ा और घनश्याम का आरोप हैं कि मंडी व्यापार संघ, मंडी विकास समिति, जिला अनाज व्यापार संघ ने उनके साथ व्यापार नहीं करने का तुगलकी फरमान जारी करवाया है जबकि जीएसटी का वो समर्थन कर रहे हैं।