राजस्थान हाईकोर्ट ने परिवहन आयुक्त को कहा है कि वह शहर के नारायणसिंह सर्किल से संचालित हो रही अवैध बसों का संचालन रोकने के लिए तीन सप्ताह में कार्रवाई करें। अदालत ने कहा कि मामला कानूनी प्रकृति के बजाए प्रशासनिक दृष्टि का है। ऐसे में याचिकाकर्ता अवैध बसों के रजिस्ट्रेशन नंबर सहित अपनी आपत्तियां परिवहन आयुक्त के समक्ष पेश करें।
न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश शिखा जायसवाल व अन्य की ओर से दायर याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता सतीश खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि प्रदेशभर में अवैध वाहन चल रहे हैं। जयपुर शहर में खासतौर पर नारायणसिंह सर्किल से बयाना-भरतपुर रूट पर अवैध वाहनों की भरमार है। याचिकाकर्ता परिवहन विभाग की ओर से जारी लोक परिवहन सेवा परमिट के तहत बयाना, भरतपुर और कैलादेवी रूट पर बस चलाते हैं।
अवैध वाहनों के चलते याचिकाकर्ता को यात्री नहीं मिल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अवैध वाहनों के संचालन से ट्रैफिक जाम भी रहता है। याचिकाकर्ता की ओर से इस संंबंध में परिवहन विभाग को कई बार लिखित में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने परिवहन आयुक्त को तीन सप्ताह में कार्रवाई करने को कहा है।