फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वर्चस्व की लड़ाई में मारा गया 'हुस्न आरा' का बड़ा बेटा 'हमीर'

Wed, 20 Sep 2017 06:10 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
डेमो इमेज
विज्ञापन
वन्यजीव प्रेमियों के लिए रणथंभौर के जंगलों से आज एक बुरी खबर निकलकर सामने आई है। मंगलवार को वर्चस्व की लड़ाई में दो बाघों के बीच हुए खूनी संघर्ष में घायल बाघ टी-33 की जान चली गई।
विज्ञापन


घटना राजस्थान के रणथंभौर बाघ अभ्यारण्य में स्थित चिरौली वनक्षेत्र की है, जहां दो बाघ जगह को लेकर आपस में भिड़ गए जिसमें बाघ टी-33 बुरी तरह घायल हो गया और उसके एक पैर में गंभीर चोट आई।

टी-33 को फॉरेस्ट रेंजर्स ने मंगलवार शाम को ट्रेंकुलाइज किया, जिसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया। बुधवार सुबह ही टाइगर टी-33 ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार टाइगर टी-33 के शरीर पर कई अन्य घाव भी मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पर्यटकों में काफी लोकप्रिय था 'हमीर'

बाघ टी-33 का फाइल फोटो
बाघिन हुस्न आरा टाइग्रेस टी-30 का पहला शावक हमीर यानी टाइगर टी-33 रणथंभौर अभ्यारण्य के ठुमका से चिरौली और अनंतपुरा के जंगलों में रहता था, जिसे कचीडा घाटी के आसपास चहलकदमी करते हुए देखा जा सकता था।

रणथंभौर के जंगलों में टी-33 यानि हमीर पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय था क्योंकि ये पर्यटकों को आसानी से दिखाई पड़ता था। अपने कुनबे से अलग होने के बाद हमीर भिंड और तलाड़ा तक अपना वर्चस्व कायम कर लिया था। गौरतलब है कि रणथंभौर में एक और टाइगर की मौत से वन्यजीव प्रेमियों को काफी झटका लगा है।

फिलहाल रणथंभौर में 60 से अधिक बाघ मौजूद हैं। अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य को बाघ विहीन होने के बाद रणथम्भौर के बाघों से ही बसाया गया। सरिस्का में 13 बाघ हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें