जयपुर के जेएलएन मार्ग पर पैंथर
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राजधानी जयपुर में जंगल से बाहर निकलकर आबादी क्षेत्र में आए पैंथर शाम तक जंगल में नहीं लौटे। ये पैंथर अभी स्मृति वन में ही मौजूद है। वन विभाग ने पैंथर और लोगों की सुरक्षा के लिए रात को आसपास इलाके में विशेष गश्त की व्यवस्था की है।
दिनभर वन विभाग की टीम इन पैंथर को तलाश में जुटी रहीं। वन विभाग के अधिकारी मनफूल विश्नोई ने बताया कि शाम तक पैंथर नजर नहीं आए लेकिन, इनके ताजा पगमार्क मिले है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये पैंथर अभी स्मृति वन में ही विचरण कर रहे है। सुरक्षा कारणों से स्मृति वन सोमवार को बन्द रहा। उन्होंने बताया कि रात को ये पैंथर जंगल में जा सकते है। यदि ऐसा नहीं होता है तो मंगलवार को भी स्मृति वन में विजिटर का प्रवेश बन्द रखा जाएगा।
रात को जवाहरलाल नेहरू मार्ग, झालाना कच्ची बस्ती, रॉयल्टी मार्ग, परिवहन मार्ग आदि इलाकों में पुलिस एवं वन विभाग की टीम गश्त करेगी। स्मृति वन से झालाना तक इनके आवाजाही के संभावित मार्ग पर रात में आमजन की आवाजाही बन्द रखने का भी निर्णय किया है। माना जा रहा है कि आवाजाही बन्द होने के बाद ये सुरक्षित ढंग से जंगल में लौट जाएंगे।
बीती रात शहर की व्यस्ततम सड़क जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर ओटीएस के पास तीन बघेरे सड़क पार करते नजर आए थे। इसके बाद ये पैंथर जलधारा से कुलिश स्मृति वन में जाकर ओझल हो गए। प्रत्यशदर्शियों की सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम ने इनकी खोज की लेकिन, शाम तक नजर नहीं आए।
वन विभाग का कहना है कि मादा पैंथर के साथ दो शावक कुलिश वन में मौजूद हैं। बीते कुछ सालों में जयपुर के आस-पास पैंथरों की संख्या बढ़ी है। पैंथर जयपुर के मालवीय नगर, झालाना संस्थानिक क्षेत्र, राजस्थान विश्वविद्यालय के कॉमर्स कॉलेज परिसर, खोले के हनुमानजी मंदिर परिसर में आ चुके हैं।