गांव के दबंगों ने एक महिला का डायन करार दे दिया। दंबगाई के सामने मजबूर हुए बेटों ने अपनी मां को 20 दिन से छोटे से कमरे में बंद कर रखा था। इससे इस महिला की तबीयत बिगड़ गई।
अंध विश्वास की यह घटना राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की है। यहां के मंगरोप थाना इलाके के एक गांव में 65 वर्षीय महिला रामकन्या को डायन बताकर पिछले कई दिनों से प्रताड़ित किया जा रहा था। पास ही भोली गांव में रहने वाले देवीलाल और उसके परिवार वालों ने अपनी बेटी की तबीयत ठीक नहीं होने पर बुजुर्ग महिला को डायन करार दे दिया।
यहां तक कि उस पर आरोप भी लगाया कि ये महिला डायन है जिसके प्रकोप के कारण ही उसकी बेटी की तबीयत में कोई सुधार नहीं हो रहा। देवीलाल ने महिला से मारपीट की और उसके बेटों को चेतावनी दे दी कि वे अपनी मां को गांव से बाहर निकाल दें या किसी कमरे में बंद रखें। इसके बाद गांव में बुजुर्ग महिला का किसी ने पक्ष नहीं लिया तो मजबूरन बेटों ने अपनी मां को ही घर के एक कमरे में पिछले 20 दिन से बंद कर दिया।
तबीयत भी हो गई खराब
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इस दौरान रामकन्या की तबीयत भी खराब हो गई। गनीमत रही कि बीती रात पुलिस थाने में इस संबंध में किसी ने सूचना दे दी। इस पर सतर्क हुई पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
सभी ने बुजुर्ग महिला को कमरे की कैद से मुक्त करवाया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। यहां बुजुर्ग महिला का उपचार जारी है। उधर, पुलिस ने आरोपित देवालाल और उसके परिवार वालों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
10 दिन में डायन प्रताड़ना का दूसरा मामला
कन्यादेवी
इससे पहले करीब दस दिन पहले ही अजमेर के केकड़ी में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। यहां एक 40 वर्ष की कन्यादेवी को उसके ही परिवार वालों ने डायन बताकर मौत के घाट उतार दिया था। बाद में पंच पटेलों ने धार्मिक स्नान करवाकर आरोपियों के पाप धुलवा दिया।
कन्यादेवी को उसके परिवार और पड़ोस के करीब 1 दर्जन लोगों ने डायन बताकर पहले तो खूब प्रताड़ित किया और बाद में उसे कुप्रथा की भेंट चढ़ा दिया। दरिंदो ने उसके कपड़े उतरवाकर पहले तो उसे खूब पीटा और बाद में उसे बिना कपड़ों के ही पूरे गांव में भी घुमवाया। हैवानगी की हदें तो तब पार हो गई थी जब महिला को धधकते अंगारो पर बिठाया गया, जिसके बाद बुरी तरह झुलसने से उसकी मौत हो गई थी।
परिजनों ने रातों रात अंतिम संस्कार भी कर दिया। मामला जब गांव के पंच पटेलों के बीच पहुंचा तो उन्होनें इनकी हैवानियत पर पर्दा डालने के लिए बड़ा ही अजीबो गरीब फरमान सुना दिया। पंचो ने कन्यादेवी के परिजनों से कहा कि 'पुष्कर में स्नान कर लो और गायों के लिए एक बोरी चारा और 5 पानी के टैंकर मंंगवा दो और अपने पाप धो लो।'