हाईकोर्ट ने जल महल के सामने मंदिर माफी की जमीन पर बनी पांच सितारा होटल ट्राइडेंट के मामले में स्थिति स्पष्ट कर दी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि इस प्रकरण में किसी तरह की अदालत रोक नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से दायर प्रार्थना पत्र को निस्तारित कर दिया है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश ईआईएच एसोसिएटेड होटल्स की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया की हाईकोर्ट में सुनवाई के बावजूद निचली अदालत से स्टे लेने का प्रयास किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई 14 दिसंबर को तय की है।
गौरतलब है कि मंदिर माफी की जमीन पर बनी होटल की लीज डीड को राजस्व मंत्री ने गत 2 अगस्त को रद्द कर दिया था। इस की पालना में कलेक्टर ने भी लीज आदेश वापस ले लिया था। शहर की निचली अदालत ने गत दिनों कलेक्टर के लीज वापस लेने के आदेश पर रोक लगाने से इंकार किया था।