कहते हैं भगवान के घर में देर है अंधेर नहीं मध्यप्रदेश के रहने वाले हरिभाऊ के साथ नियति ने ऐसा खेल खेला कि वह दस सालों तक अपने परिजनों से दूर रहा, लेकिन आखिरकार एक दशक बीत जाने के बाद जब परिजन हरिभाऊ से मिले, तो उनकी आंखे छलक उठी।
जानकारी के अनुसार जैसलमेर पुलिस थाना सदर ने पिछले दिनों कार्रवाई करते हुए कुंजालडी गांव से एक संदिग्ध सोहराब को गिरफ्तार किया था। संदिग्ध की गिरफ्तारी के साथ पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे विभिन्न सुरक्षा एजेसिंया को सुपुर्द कर दिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में संदिग्ध की शिनाख्त हरिभाऊ (52) पुत्र शिवाजी वीरखरे निवासी पांदुरना जिला छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश हुई। संदिग्ध मानसिक विक्षिप्त होने के कारण अपनी सूचना नहीं दे पा रहा था। संदिग्ध की मानसिक विक्षिप्त स्थिति देखते हुए एसपी गौरव यादव के निर्देशानुसार सदर थानाधिकारी महेश श्रीमाली की टीम ने संदिग्ध के परिजनों का पता लगाकर उनसे संपर्क किया।