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निकम्मों को बचाने के लिए बिल तक ला रही है सरकार, हद है: राजस्थान हाईकोर्ट

Mon, 23 Oct 2017 08:03 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की है कि अब तो हद हो गई, निकम्मों को बचाने के लिए सरकार बिल तक ला रही है, क्या होगा?
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राजस्थान सरकार ने आज विवादित बिल 'दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017' विधानसभा में पेश कर दिया। राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ ने एक अन्य मामले में सुनवाई करते हुए इस बिल की ओर इशारा करते हुए मौखिक टिप्पणी की है।

मामले के तहत जोधपुर शहर में बरसाती पानी की निकासी को लेकर पूर्व विधायक माधोसिंह कच्छवाह की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की गई। न्यायाधीश गोविन्द माथुर व न्यायाधीश विनीत माथुर की खंडपीठ में याचिका पर सुनवाई के दौरान जब यह तथ्य सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने बजट उपलब्ध नहीं करवाया तो कोर्ट नाराजगी जाहिर की।
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हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि निकम्मी सरकार और निकम्मे लोग हैं। अब तो हद हो गई, निकम्मों को बचाने के लिए सरकार अध्यादेश तक ला रही है, क्या होगा? कैसे काम चलेगा?
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ज्वॉइंट सेक्रेटरी को किया तलब

डेमो इमेज
सरकार द्वारा बजट आवंटित नहीं करने पर सरकार ने 26 अक्टूबर को ज्वॉइंट सेक्रेटरी हाउसिंग डवलपमेंट को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में तलब किया है।

हाईकोर्ट में सरकार की ओर से एएजी राजेश पंवार व पीआर सिंह ने पक्ष रखते हुए समय मांगा, लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि कितना समय दिया जाए, बार-बार समय मांगा गया है। क्या हाल होगा, शहर के एक पूर्व विधायक को जनहित याचिका दायर करनी पड़ी है, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है। केवल आश्वासन देकर काम चला रही है।
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