राजस्थान हाईकोर्ट ने कनिष्ठ लेखाकार भर्ती-2013 का बार-बार परिणाम जारी होने पर आरपीएससी की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की है। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि आयोग को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने की जरूरत है। आयोग में कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार है। उसे अपने काम में पारदर्शिता रखनी चाहिए। पूर्व में भी अदालत आयोग पर पांच लाख रुपए का हर्जाना लगा चुकी है।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश इन्द्रजीतसिंह की खंडपीठ ने यह मौखिक टिप्पणी मनोज कुमार व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने आया कि कनिष्ठ लेखाकार भर्ती को लेकर कई बार विशेषज्ञ कमेटियां गठित हो चुकी है। इसके अलावा पांच बार परीक्षा परिणाम भी जारी हुआ है। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की है। याचिका में चौथे परिणाम को चुनौती देते हुए कहा गया था कि आयोग ने कुछ प्रश्नों के गलत उत्तर जांच हैं। जिसके चलते याचिकाकर्ताओं का चयन नहीं हुआ।