राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को शपथ पत्र पेश कर बताने को कहा है कि जेल नियमों को ऑनलाइन करने और केन्द्रीय कारागृहों में मोबाइल जैमर लगाने के लिए की जाने वाली आरएस मैपिंग पर क्या कार्रवाई की गई।
न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश केसी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश प्रकरण में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान न्यायमित्र प्रतीक कासलीवाल ने अदालत को बताया कि नॉन ऑफिशियल विजिटर्स की नियुक्ति अवधि 22 अक्टूबर को समाप्त हो रही है, लेकिन सरकार ने अभी तक नए विजिटर्स की नियुक्ति नहीं की है। इस पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि नियुक्ति के संबंध में प्रक्रिया विचाराधीन है।
वहीं अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि गत 8 अगस्त को अदालत ने जेल नियमों को ऑनलाइन करने के साथ-साथ जेलों में मोबाइल जैमर लगाने के लिए आरएस मैपिंग करने के आदेश पर क्या कार्रवाई की गई। इन बिन्दुओं पर राज्य सरकार अपने जवाब से अदालत को संतुष्ट नहीं कर सकी। इस पर अदालत ने इस संबंध में 11 अक्टूबर को शपथ पत्र पेश करने को कहा है।