सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर के लक्ष्मी विलास होटल की अर्जी को खारिज कर दिया है। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने आदेश दिया कि होटल जिस भूखंड पर बना है उसे दो महीने के अंदर खाली कर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण को आदेश दिया कि वो दो माह में भूखंड खाली कराएं और इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपे।
राजस्थान हाईकोर्ट लक्ष्मी विलास होटल के कब्जे को पहले ही अवैध बता चुका है और सरकार को उस पर कब्जा करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ होटल मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि लक्ष्मी विलास होटल और कनक भवन सरकार की संपत्ति है और इसके मालिकों ने राजनीतिक संरक्षण में अवैध तरीके से वर्षों तक कब्जा कर रखा था। 2010 में हाईकोर्ट के आदेश के तुरन्त बाद जयपुर विकास प्राधिकरण ने दोनों संपत्तियों पर ताला लगा दिया था।
हालांकि, जब लक्ष्मी विलास होटल के मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे लगा दिया था। जिसके बाद जयपुर विकास प्राधिकरण ने होटल मालिकों को कब्जा सौंप दिया था।