कोटा में एक बार फिर बुधवार को कोचिंग छात्रा द्वारा फंदा लगाकर जान देने की घटना सामने आई है। मृतक छात्रा पिछले दो साल से हॉस्टल में रहकर मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
जानकारी के अनुसार, जवाहर नगर इलाके में हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा इशिका राज ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें छात्रा ने लिखा है मम्मी—पापा मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी हूं, मुझे माफ करना। जवाहर नगर थानाधिकारी हरीश भारती ने बताया कि छात्रा इशिका राज बिहार के समस्तीपुर की रहने वाली थी, जो पिछले दो साल से कोटा में रहकर कोचिंग कर रही थी। छात्रा के परिजन 4 दिन पहले ही छात्रा इशिका का कमरा चेंज करवाकर दूसरे हाॅस्टल में शिफ्ट करके गए थे।
अभी छात्रा ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा का एक्जाम भी दिया था, जिसका रिजल्ट आना बाकी है। आशंका जताई जा रही है कि छात्रा ने रिजल्ट कमजोर आने की संभावना के चलते अपनी जान दी है। फिलहाल पुलिस ने छात्रा के परिजनों को सूचित कर दिया है। मामले में पुलिस जांच में जुटी है। इससे पहले भी 3 जून को तलवंडी का रहने वाला बारहवीं का छात्र राजकुमार ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था।
गौरतलब है कि छात्रों के सुसाइड की घटनाओं पर रोकथाम लगाने के लिए एक डिवाइस को इजाद किया गया है जिसे पिछले महीने राजस्थान में सभी हॉस्टल में अनिवार्य किया गया है। इस डिवाइस में पंखे और उस कड़े के बीच में एक डिवाइस लगेगी, जिस पर पंखा लटका है। जैसे ही 20 किलो से ज्यादा वजन पंखे पर आएगा तो ओटोमेटिक पंखा नीचे आ जाएगा। कोटा में स्टूडेंट्स के सुसाइड के 80 फीसदी मामलों में पंखे से लटककर फंदा लगाने की बात सामने आती है।